शमशाबाद: थाना क्षेत्र में रात हो या दिन, खनन माफियाओं का हौसला बुलंद है। शमशाबाद थाना से चंद कदम की दूरी से खनन का कारोबार धड़ल्ले से फल फूल रहा है।
ओवरलोड मिट्टी ट्रैक्टर ट्रॉली: शमशाबाद थाने के चंद कदम की दूरी से ओवरलोड मिट्टी ट्रैक्टर ट्रॉली निकल जाती हैं। खनन माफियाओं का तानाशाह न केवल पुलिस प्रशासन बल्कि खनन विभाग को भी चुनौतीपूर्ण बना रहा है।
डर का अभाव: माफियाओं ने दावा किया है कि प्रशासन और खनन विभाग से किसी भी तरह का डर नहीं है। उन्होंने कहा, "हमें जगह-जगह पैसे देने पड़ते हैं, पर हमें प्रशासन का कोई डर नहीं है। इसलिए हर ट्राली के लिए ₹1000 मिट्टी का मूल्य निर्धारित किया जाता है।"
तराई क्षेत्र से खनन: शमशाबाद थाने में तराई क्षेत्र से खनन होता है, जो उगरपुर, सरपालपुर, पहाड़पुर, बैरागढ़, रशीमपुर, बेला, और गज जैसी स्थानों पर फैला हुआ है।
चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में: इस खनन माफिया के दबदबे में पुलिस प्रशासन और खनन विभाग को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करना होगा। लोगों का आरोप है कि इससे ना केवल पर्यावरण को हानि हो रही है बल्कि समाज में भी असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
स्थानीय विधायक की चिंता: स्थानीय विधायकों ने इस मुद्दे पर चिंता जताई है और माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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